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विनेश फोगाट पर WFI का बड़ा कदम, एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन के आरोप में अस्थायी बैन

भारतीय कुश्ती में बड़ा विवाद सामने आया है। Vinesh Phogat पर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में सख्त कार्रवाई की है। महासंघ ने उन्हें शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने से अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया है।

WFI के अनुसार, यह कार्रवाई कई गंभीर मुद्दों के आधार पर की गई है। इनमें 2024 पेरिस ओलंपिक में वजन प्रबंधन में विफलता के कारण अयोग्यता, एंटी-डोपिंग नियमों के तहत कथित ‘लोकेशन फेल्योर’, और मार्च 2024 के चयन ट्रायल्स में दो अलग-अलग वेट कैटेगरी में भाग लेना शामिल है। महासंघ का कहना है कि इन घटनाओं से भारतीय कुश्ती की छवि प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हुआ है। विनेश को इस नोटिस का जवाब देने के लिए 14 दिन का समय दिया गया है।

WFI ने यह भी स्पष्ट किया है कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों को यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के नियमों के तहत निर्धारित छह महीने की नोटिस अवधि पूरी करनी होती है, जिसे कथित तौर पर पूरा नहीं किया गया।

इसी बीच, डोपिंग कंट्रोल से जुड़े एक अलग मामले में Yashasvi Jaiswal और Shafali Verma को भी नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई National Anti Doping Agency (India) (NADA) की ओर से की गई है, जिसमें आरोप है कि दोनों खिलाड़ी दिसंबर में टेस्टिंग के लिए उपलब्ध नहीं थे। इसे व्हेयरअबाउट नियम का उल्लंघन माना गया है।

इस मामले की जानकारी Board of Control for Cricket in India (BCCI) और International Cricket Council (ICC) को भी भेजी गई है। दोनों खिलाड़ियों से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। इन घटनाओं ने भारतीय खेल जगत में डोपिंग और अनुशासन नियमों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।