नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। इस फैसले के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है और केंद्र सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा नेटवर्क कई राज्यों—महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और अन्य—तक फैला हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, गुरुग्राम के एक डॉक्टर से 30 लाख रुपये में प्रश्नपत्र खरीदे जाने का आरोप है। यह पेपर जमवारामगढ़ के दो भाइयों द्वारा हासिल किया गया था, जिनमें से एक ने इसे अपने बेटे को भी दिया था, जो सीकर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस परिवार के चार बच्चे पिछले साल NEET में सफल हुए थे।
अधिकारियों का कहना है कि पेपर पहले डिजिटल रूप में भेजा गया और बाद में प्रिंट करके भी बेचा गया। व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए इसे कई छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया। पुलिस अब उन सभी लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने कथित रूप से पैसे देकर पेपर खरीदा।
महाराष्ट्र में भी जांच का दायरा बढ़ा है, जहां नासिक, पुणे और लातूर से इस मामले के तार जुड़े पाए गए हैं। नासिक से गिरफ्तार शुभम खैरनार पर आरोप है कि उसने 10 लाख रुपये में पेपर खरीदकर उसे 15 लाख रुपये प्रति सेट के हिसाब से आगे बेचा। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है जो परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक कर लाखों रुपये में बेचता था। सीबीआई अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल एजेंटों की गहन जांच कर रही है।









