गुजरात के सूरत में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) के तीसरे संस्करण में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में 15 देशों के 45 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने हिस्सा लिया और दक्षिण गुजरात के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के साथ सीधे व्यापारिक संपर्क स्थापित किए। यह आयोजन ऑरो यूनिवर्सिटी में हुआ, जिसका उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ना था।
इस कॉन्फ्रेंस के तहत रिवर्स बायर-सेलर मीट (RBSM) का आयोजन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) और राज्य सरकार के सहयोग से किया गया। इसमें यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, रोमानिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों के खरीदारों ने भाग लिया और भारतीय निर्यातकों के साथ संरचित B2B बैठकों के जरिए व्यापारिक संभावनाओं पर चर्चा की। सम्मेलन में टेक्सटाइल, केमिकल, पेट्रोकेमिकल, फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग और फूड-एग्रो आधारित उद्योगों पर विशेष फोकस रहा, जो सूरत की औद्योगिक पहचान का अहम हिस्सा हैं। इन क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों ने अपनी उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता मानकों और संभावित निर्यात सौदों पर विस्तार से बातचीत की।
इसके अलावा, कार्यक्रम में ज्ञानवर्धक सेमिनार, तकनीकी सत्र और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) इंटरैक्शन भी आयोजित किए गए, जहां उद्योग और सरकार के प्रतिनिधियों ने निर्यात से जुड़े नियमों, प्रक्रियाओं और विकास की जरूरतों पर विचार-विमर्श किया। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के प्लेटफॉर्म MSMEs को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच देने और उन्हें वैश्विक सप्लाई चेन में शामिल करने में मदद करते हैं। सूरत में आयोजित यह VGRC सम्मेलन राज्य की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत क्षेत्रीय स्तर पर औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।









