वियतनाम के राष्ट्रपति To Lam के भारत दौरे के बीच दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को लेकर अहम बातचीत जारी है। खास तौर पर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की संभावित डील को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, वियतनाम BrahMos Aerospace द्वारा विकसित ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहा है। इस संभावित सौदे की कीमत करीब 60 हजार करोड़ रुपये तक हो सकती है, जिसमें ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल रहेगा। हालांकि, इस दौरे के दौरान किसी बड़े रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।
भारत के लिए वियतनाम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भारत इस क्षेत्र में अपने सहयोगियों के साथ रक्षा संबंध मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। ऐसे में वियतनाम के साथ ब्रह्मोस डील इस रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही मजबूत रहा है। भारत फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात कर चुका है और इंडोनेशिया के साथ भी रक्षा समझौते कर चुका है। इसके अलावा, भारत वियतनाम की सेना को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ 2023 में ‘किरपान’ मिसाइल कोर्वेट उपहार में दे चुका है, जिससे आपसी भरोसा और सहयोग बढ़ा है। पिछले वित्तीय वर्ष में दोनों देशों के बीच व्यापार 16 अरब डॉलर से अधिक रहा।









