अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी शांति वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और समझौते की संभावना मजबूत दिखाई दे रही है। ट्रंप ने कहा कि फिलहाल किसी तरह की समय सीमा तय नहीं की गई है और दोनों पक्ष बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका की कुछ प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान परमाणु हथियार न रखने और भविष्य में भी ऐसे हथियार विकसित न करने की दिशा में सहमत है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन मुद्दों पर अंतिम सहमति बनी है।
दूसरी ओर, ईरान ने कहा है कि वह अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने बताया कि तेहरान जल्द ही अपना आधिकारिक जवाब पाकिस्तान के माध्यम से देगा। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच 14 बिंदुओं वाले एक मसौदे पर बातचीत अंतिम चरण में है। इसमें अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और ईरान की परमाणु गतिविधियों पर नियंत्रण जैसे मुद्दे शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि वार्ता अपने लक्ष्य के काफी करीब पहुंच चुकी है और जल्द समाधान निकल सकता है। वहीं ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान सहमत शर्तों का पालन नहीं करता, तो अमेरिका अपनी कार्रवाई और सख्त कर सकता है।









