Punjab

पंजाब में बिजली की बढ़ती डिमांड ने बढ़ाई टेंशन, 920 मेगावाट उत्पादन ठप

पंजाब में कमजोर मानसून के बीच उमस और गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग लगातार नए स्तर पर पहुंच रही है। वीरवार को राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 16,176 मेगावाट दर्ज की गई। खास बात यह है कि एक तरफ डिमांड लगातार बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ राज्य के अपने थर्मल पावर प्लांट्स के चार यूनिट बंद होने से करीब 920 मेगावाट बिजली का उत्पादन प्रभावित है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 24 अगस्त को बिजली की मांग 16,139 मेगावाट थी। अगले दिन यह बढ़कर 16,277 मेगावाट और 26 अगस्त को 16,276 मेगावाट पहुंच गई। वीरवार को मांग थोड़ी कम होकर 16,176 मेगावाट रही। हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में यह आंकड़ा काफी ज्यादा है। पिछले साल इसी दिन पंजाब में बिजली की मांग महज 8,983 मेगावाट थी, जबकि 2024 में यह 12,178 मेगावाट दर्ज की गई थी।

वर्तमान में पावरकाम को अपने स्रोतों से करीब 4,200 मेगावाट बिजली मिल रही है। इसमें सरकारी थर्मल प्लांट्स से लगभग 830 मेगावाट, निजी थर्मल प्लांट्स से 2,605 मेगावाट और जलविद्युत परियोजनाओं से करीब 560 मेगावाट बिजली शामिल है। मांग और उपलब्धता के बीच अंतर को पूरा करने के लिए अब उत्तरी ग्रिड से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। उधर, लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट के यूनिट नंबर 1, 3 और 4 तथा रोपड़ थर्मल के यूनिट नंबर 5 में तकनीकी खराबी के कारण उत्पादन बंद है। लहरा मुहब्बत में बेल्ट नंबर 29 में आग लगने से केबल और उपकरणों को नुकसान पहुंचा था। स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना रही है करीब 1,800 आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल। अधिकारियों के मुताबिक कर्मचारियों की कमी के बीच थर्मल प्लांट चलाना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि प्लांट्स में कोयले का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। चारों बंद यूनिट्स के 10 सितंबर तक दोबारा चालू होने की उम्मीद है। तब तक बढ़ती मांग के बीच महंगी बिजली खरीदना पावरकाम की मजबूरी बनी रहेगी।