Haryana National Punjab

दिल्ली कूच पर किसानों और हरियाणा प्रशासन में टकराव, बॉर्डर सील होने से मार्च रुका

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध और अन्य कृषि मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेतृत्व में किसानों का दिल्ली कूच रविवार को हरियाणा बॉर्डर पर रोक दिया गया। जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में 51 किसानों का जत्था खनौरी स्थित गुरुद्वारा साहिब से पैदल दिल्ली के लिए रवाना हुआ था, लेकिन दाता सिंह वाला बॉर्डर से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। किसान नेताओं और हरियाणा प्रशासन के बीच बातचीत जारी रही। किसान संगठनों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से पैदल आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। मार्च के दौरान किसान खनौरी में शुभकरण सिंह की मौत वाली जगह से मिट्टी भी अपने साथ लेकर निकले।

हरियाणा पुलिस ने दाता सिंह वाला बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया। रास्ते पर कंक्रीट के बैरिकेड, बड़े पत्थर और लोहे के बैरिकेड लगाकर आवाजाही रोक दी गई। किसानों के मुताबिक, उनका जत्था करीब 228 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेगा और 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसान पंचायत के साथ यात्रा समाप्त होगी। किसान संगठनों ने प्रशासन पर आंदोलन को रोकने के लिए सख्ती बरतने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि हरियाणा पुलिस ने ब्लॉक स्तर तक के किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की और कुछ नेताओं को घर में नजरबंद भी किया गया।

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाना चाहते हैं, लेकिन रास्ते रोककर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों में बाधा डाली जा रही है। किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और कॉरपोरेट नीतियों को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि इन नीतियों का असर किसानों के हितों पर पड़ सकता है। संगठनों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।