त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले ही महाराष्ट्र के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगने वाला है। राज्य में 1 सितंबर 2026 से दूध की कीमतों में 9 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी होने जा रही है। इससे पहले 11 अगस्त को भी दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। यानी महज कुछ हफ्तों के भीतर उपभोक्ताओं पर दूसरी बार अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। दूध के साथ दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी का असर देखने को मिला है। महाराष्ट्र की स्थिति देश के दूसरे हिस्सों से अलग नहीं है। साल 2025 और 2026 में अमूल, मदर डेयरी समेत कई बड़े राष्ट्रीय और क्षेत्रीय ब्रांड दूध के दाम बढ़ा चुके हैं। मई 2026 में अमूल और मदर डेयरी ने दूध 2 रुपये प्रति लीटर महंगा किया। इसके बाद राजस्थान की सरस, मध्य प्रदेश की सांची, महाराष्ट्र की गोकुल और केरल की मिल्मा जैसी डेयरियों ने भी कीमतों में इजाफा किया।
अगर 2025 की बात करें तो कर्नाटक के नंदिनी ब्रांड ने अप्रैल में दूध के दाम 4 रुपये बढ़ाए थे। इसके बाद मदर डेयरी, अमूल, पैराग और सुधा जैसी कंपनियों ने भी अलग-अलग समय पर कीमतें बढ़ाईं। दिल्ली-NCR में भी पिछले कुछ वर्षों में दूध लगातार महंगा हुआ है। फरवरी 2022 में जहां फुल क्रीम दूध करीब 58 रुपये लीटर था, वहीं मई 2026 तक इसकी कीमत 72 रुपये लीटर पहुंच गई। यानी करीब 24 फीसदी की बढ़ोतरी। रेटिंग एजेंसी CRISIL का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में दूध की कीमतें 4 से 5 फीसदी तक और बढ़ सकती हैं। इसकी बड़ी वजह पशु चारे की बढ़ती लागत, गर्मी और कमजोर मानसून से उत्पादन पर असर और लगातार मजबूत मांग है। यानी आने वाले महीनों में दूध, घी, पनीर और मक्खन जैसे डेयरी उत्पादों की बढ़ती कीमतें आम परिवारों के बजट पर दबाव और बढ़ा सकती हैं।


