मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में एनालॉग यानी नॉन-डेयरी पनीर के उत्पादन, प्रोसेसिंग, स्टोरेज, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई है।
FDA की जांच के दौरान एनालॉग पनीर के कई नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं पाए गए। विभाग के अनुसार, कुछ उत्पादों में डेयरी फैट की जगह वनस्पति वसा और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे उत्पादों को लेकर सबसे बड़ी चिंता तब पैदा होती है, जब उन्हें उपभोक्ताओं को असली डेयरी पनीर के रूप में परोसा या बेचा जाता है।
इस फैसले का असर होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग यूनिट, खाद्य निर्माताओं और विक्रेताओं पर पड़ेगा। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महाराष्ट्र FDA की इस कार्रवाई को उपभोक्ता अधिकारों और खाद्य सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे होटल और खाद्य कारोबारियों में गुणवत्ता मानकों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ने की उम्मीद है।


