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वोटर लिस्ट को लेकर ECI का बड़ा फैसला, घर पर ही होगी दस्तावेजों की जांच

भारत निर्वाचन आयोग ने वोटर रजिस्ट्रेशन और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। अब जिन मतदाताओं को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR के तहत नोटिस मिला है, उन्हें हर मामले में चुनाव कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं का नाम ‘अनमैप्ड’ या किसी तार्किक विसंगति के कारण जांच के दायरे में आया है, उनके जरूरी दस्तावेज बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO घर जाकर एकत्र करेंगे। इसके बाद दस्तावेजों को ECI के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे विशेष रूप से उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें तकनीकी कारणों से मतदाता सूची से जुड़े मामलों में परेशानी हुई है। चुनाव आयुक्तों की बैठक में यह भी तय किया गया कि सुनवाई अब केवल जरूरी मामलों में ही होगी और अधिकांश मामलों में इसे ऑनलाइन किया जाएगा। मतदाता अपनी जगह सुनवाई में शामिल होने के लिए परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अधिकृत कर सकेंगे।

वहीं, गरीब, मजदूर, नाइट शेल्टर में रहने वाले और बेघर लोगों के लिए जिला स्तर पर विशेष हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे, ताकि वे मतदाता सूची की प्रक्रिया से बाहर न रहें। SIR के दौरान फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र जमा करने की व्यवस्था भी जारी रहेगी। इसके अलावा, एक वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त और IIT-IIM के स्वतंत्र विशेषज्ञों वाली समिति ECINET प्रणाली की समीक्षा करेगी। आयोग के इन फैसलों का उद्देश्य मतदाता सूची के पुनरीक्षण को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाना है।