शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने शनिवार को वरिष्ठ नेताओं की बैठक में महिला आरक्षण को जल्द से जल्द लागू करने की मांग उठाई। बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि SAD को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा मिलती है, जिन्होंने समाज में महिलाओं के सम्मान, समानता और बराबरी के अधिकारों पर जोर दिया था।
बादल ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने महिलाओं को आरक्षण देकर इस दिशा में पहले ही एक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना समय की जरूरत है और इसके लिए महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को जल्द लागू किया जाना चाहिए।
SAD ने बैठक में परिसीमन को लेकर भी अपनी मांग स्पष्ट की। पार्टी ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया निष्पक्ष और संतुलित होनी चाहिए, ताकि देश के सभी राज्यों को उनकी जरूरत और प्रतिनिधित्व के अनुरूप उचित हिस्सेदारी मिल सके। पार्टी ने संसद में राज्यों की लोकसभा सीटों की संख्या में समान रूप से 50 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव का भी समर्थन किया।
पार्टी नेतृत्व ने जोर दिया कि महिला आरक्षण और परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। केंद्र सरकार मौजूदा मॉनसून सत्र में विपक्षी दलों और NDA के सहयोगी दलों से चर्चा कर संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने की कोशिश में है। प्रस्ताव के तहत 2029 से विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
SAD नेता दलजीत सिंह चीमा ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी ने महिला आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि के लिए परिसीमन के फॉर्मूले पर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष पंजाब और व्यापक जनहित से जुड़े किसी भी मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं।


