देशभर में घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से कुछ अहम नियम लागू होने की जानकारी सामने आई है। नए प्रावधानों के तहत सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। जिन ग्राहकों का सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हुआ है, उन्हें प्रक्रिया पूरी करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर गैस सिलिंडर की बुकिंग या डिलीवरी बंद नहीं होगी, लेकिन सब्सिडी का लाभ रुक सकता है और उपभोक्ता को रिफिल बाजार दर पर लेना पड़ सकता है।
बायोमेट्रिक सत्यापन का उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शनों की पहचान करने के साथ सब्सिडी का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना है। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही ऑथेंटिकेशन पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा सत्यापन कराने की जरूरत नहीं होगी। उपभोक्ता डिलीवरी के समय गैस डिलीवरी कर्मी की डिवाइस से, संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर या तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से सत्यापन पूरा कर सकते हैं।
LPG बुकिंग के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का इस्तेमाल जरूरी होगा। बुकिंग के बाद उपभोक्ता को मोबाइल पर डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्राप्त होगा। सिलिंडर की डिलीवरी के समय यह कोड डिलीवरी कर्मी को बताना होगा, जिसके बाद डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इंडेन, भारत गैस और HP गैस उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर और बुकिंग संबंधी जानकारी पहले से अपडेट रखने की सलाह दी गई है।


