रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में डीआरडीओ भवन में आयोजित डीआरडीओ के 68वें स्थापना दिवस के अवसर पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की निर्णायक भूमिका की प्रशंसा करते हुए डीआरडीओ की आधुनिक तकनीक और संगठनात्मक प्रतिबद्धता पर जोर दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि डीआरडीओ ने सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस कर भारत की स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2025 में घोषित ‘सुदर्शन चक्र’ की स्थापना में डीआरडीओ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और अगले दशक में यह भारत के प्रतिष्ठानों को पूर्ण हवाई सुरक्षा प्रदान करेगा।
रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ को प्रौद्योगिकी निर्माता और विश्वास निर्माता बताया और निजी क्षेत्र, उद्योग, शिक्षा जगत और स्टार्टअप्स के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए संगठन को प्रोत्साहित किया। उन्होंने नवाचार, अगली पीढ़ी की तकनीकों और तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र के साथ तालमेल बनाने पर जोर दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान युग निरंतर विकास और सीखने का युग है। तकनीक, नवाचार और बदलते युद्ध क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए डीआरडीओ को लगातार नई प्रौद्योगिकियों और उत्पादों के विकास पर ध्यान देना चाहिए।









