डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। कई बार लोगों की जानकारी के बिना उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर सिम कार्ड जारी कर लिए जाते हैं। ऐसे सिम से यदि कोई आपराधिक गतिविधि होती है, तो परेशानी असली आईडी धारक को झेलनी पड़ सकती है। इसलिए समय-समय पर यह जांच करना बेहद जरूरी है कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं।
सरकार ने इसके लिए TAF-COP (Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection) नाम का पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर जाकर आप आसानी से जानकारी हासिल कर सकते हैं। वेबसाइट पर अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा दर्ज करें, फिर ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन करें। इसके बाद आपकी आईडी पर रजिस्टर्ड सभी सिम नंबरों की सूची सामने आ जाएगी।
अगर सूची में कोई अनजान नंबर दिखे, तो उसी पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत के बाद टेलीकॉम विभाग उस सिम को बंद करने की प्रक्रिया शुरू करता है। नियमों के अनुसार एक व्यक्ति एक आईडी पर अधिकतम 9 सिम रख सकता है, जबकि कुछ राज्यों में यह सीमा 6 है। सतर्क रहकर आप खुद को आर्थिक और कानूनी नुकसान से बचा सकते हैं।









