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केरलम में कांग्रेस की बड़ी जीत के बाद बढ़ी मुख्यमंत्री पद की चर्चा, कर्नाटक जैसी स्थिति का खतरा

केरलम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस जीत को राज्य में बदलाव और स्थिर सरकार के जनादेश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि अब मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर संभावित खींचतान की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कांग्रेस नेतृत्व ने समय रहते स्पष्ट फैसला नहीं लिया, तो केरल में भी कर्नाटक जैसी अंदरूनी कलह की स्थिति बन सकती है।

चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष के नेता वीडी सतीशन सबसे प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे। उन्होंने पूरे राज्य में सक्रिय प्रचार किया और उन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और राहुल गांधी के करीबी केसी वेणुगोपाल भी इस दौड़ में बताए जा रहे हैं। तीनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि मुख्यमंत्री का फैसला पार्टी हाईकमान करेगा।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कर्नाटक में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच नेतृत्व को लेकर जारी खींचतान ने सरकार और संगठन दोनों को प्रभावित किया। कांग्रेस नहीं चाहेगी कि ऐसी स्थिति केरलम में दोहराई जाए। इसलिए पार्टी नेतृत्व पर जल्द और स्पष्ट निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है।

वीडी सतीशन को युवा और आक्रामक नेता माना जाता है, जबकि रमेश चेन्निथला अनुभवी और शांत स्वभाव के नेता हैं। वहीं केसी वेणुगोपाल का संगठन और हाईकमान में मजबूत प्रभाव माना जाता है। पार्टी के भीतर विधायकों का समर्थन भी अलग-अलग गुटों में बंटा हुआ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जीत के बाद संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने और स्थिर नेतृत्व तय करने की है, ताकि जनता के जनादेश का सही सम्मान किया जा सके।