दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले चरण यानी लोनी टोल प्लाजा से काठा टोल प्लाजा तक सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब यात्रा महंगी हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी National Highways Authority of India ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई टोल दरें लागू कर दी हैं। नई दरों के मुताबिक, कार और निजी वाहनों के लिए एक तरफ की यात्रा का टोल 240 रुपये तय किया गया है, जबकि 24 घंटे के भीतर वापसी करने पर रिटर्न ट्रिप के लिए 360 रुपये चुकाने होंगे। हालांकि नियमित यात्रियों के लिए मंथली पास का विकल्प राहत लेकर आया है। 50 ट्रिप वाला मासिक पास 7,960 रुपये में मिलेगा, जिससे प्रति ट्रिप लागत करीब 159 रुपये रह जाएगी। यानी सामान्य किराए की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत तक की बचत होगी।
वहीं हल्के व्यावसायिक वाहनों और मिनी बसों के लिए सिंगल ट्रिप का टोल 385 रुपये और रिटर्न ट्रिप का 580 रुपये तय किया गया है। बसों और दो एक्सल वाले ट्रकों को अब एक तरफ के सफर के लिए 810 रुपये और रिटर्न ट्रिप के लिए 1,210 रुपये देने होंगे। इसके अलावा मल्टी एक्सल और भारी वाहनों के लिए भी टोल दरों में बढ़ोतरी की गई है। तीन एक्सल वाले कमर्शियल वाहनों के लिए सिंगल ट्रिप 880 रुपये, जबकि 4 से 6 एक्सल वाले बड़े वाहनों के लिए यह शुल्क 1,265 रुपये तक पहुंच गया है।
सात या उससे अधिक एक्सल वाले ओवरसाइज़्ड वाहनों को एक तरफ के सफर के लिए 1,545 रुपये चुकाने होंगे। NHAI ने स्पष्ट किया है कि रियायती रिटर्न रेट का लाभ केवल 24 घंटे के भीतर वापसी करने पर ही मिलेगा। टोल से जुड़ी अन्य जानकारी और छूट संबंधी नियम NHAI की आधिकारिक अधिसूचना में उपलब्ध हैं। नई दरों के लागू होने के बाद अब रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की नजर मंथली पास विकल्प पर टिक गई है, जिसे सबसे किफायती और सुविधाजनक माना जा रहा है।









