दिल्ली की DTC बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 जुलाई 2026 से अब कागजी ‘पिंक टिकट’ की सुविधा पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी और इसकी जगह केवल ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ के जरिए ही मुफ्त यात्रा की अनुमति होगी। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और यात्रियों का डिजिटल रिकॉर्ड बेहतर तरीके से तैयार किया जा सकेगा।
वर्तमान में चल रही पिंक टिकट सुविधा को अब चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। इसके बाद दिल्ली की महिलाएं बसों में मुफ्त सफर का लाभ सिर्फ स्मार्ट कार्ड के माध्यम से ही ले सकेंगी। नई व्यवस्था के तहत दिल्ली के बाहर की महिलाएं इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगी। केवल वे महिलाएं, जिनके पास दिल्ली में रहने का वैध प्रमाण होगा, वे ही ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ बनवाकर मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 6 लाख महिलाएं यह स्मार्ट कार्ड बनवा चुकी हैं, जबकि रोजाना लगभग 10 लाख महिलाएं DTC बसों में यात्रा करती हैं। हालांकि, अभी केवल 5–6 प्रतिशत यात्री ही इस डिजिटल कार्ड का उपयोग कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी महिला यात्री इस प्रणाली में शामिल हों ताकि सब्सिडी और उपयोग का सही रिकॉर्ड रखा जा सके।
यह योजना पहले 2019 में शुरू किए गए ‘पिंक टिकट’ सिस्टम की जगह लाई गई है, जिसे तत्कालीन सरकार ने महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के लिए लागू किया था। अब इस योजना को डिजिटल रूप देते हुए इसे ‘वन नेशन, वन कार्ड’ पहल से भी जोड़ने की तैयारी है। साथ ही, इस कार्ड का उपयोग भविष्य में दिल्ली मेट्रो में भी किया जा सकेगा।









