देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा जल्द ही पहले से कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक होने वाली है। केंद्र सरकार टोल वसूली के पारंपरिक तरीकों को बदलते हुए मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल प्रणाली लागू करने जा रही है, जिसके तहत वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।
नई व्यवस्था में वाहन हाईवे से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक बिना रुके गुजर सकेंगे और टोल टैक्स अपने आप डिजिटल माध्यम से कट जाएगा। इस प्रणाली में RFID आधारित FASTag और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों का उपयोग किया जाएगा। हाईवे पर लगे गैन्ट्री सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट और FASTag को स्कैन कर टोल राशि सीधे वाहन मालिक के खाते से काट देगा। केंद्र सरकार का दावा है कि इस तकनीक से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें खत्म होंगी, यात्रा का समय कम होगा और ईंधन की बचत भी होगी। साथ ही टोल वसूली अधिक पारदर्शी और सटीक हो जाएगी।
इस नई प्रणाली की शुरुआत गुजरात के चोर्यासी टोल प्लाजा से की जा रही है, जिसे देश का पहला बाधा-मुक्त टोल प्लाजा बनाया जा रहा है। इसके अलावा हरियाणा के घरौंदा टोल प्लाजा पर भी इसे लागू करने की तैयारी है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस वित्तीय वर्ष में लगभग 25 टोल प्लाजा पर इस तकनीक को शुरू करने की योजना बना रहा है। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में यह डिजिटल टोल प्रणाली देश के हाईवे नेटवर्क को पूरी तरह बदल देगी और यात्रा को अधिक तेज, सरल और आधुनिक बनाएगी।









