रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के सीमावर्ती इलाकों में सड़क निर्माण और अवसंरचना परियोजनाओं के लिए नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) गाइड जारी की है। यह गाइड सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा तैयार की गई है और इसमें सड़क परियोजनाओं की योजना, निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और लागत का सही अनुमान लगाने के तरीकों को विस्तार से समझाया गया है।
दिल्ली के साउथ ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर, BRO के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन सहित अन्य वरिष्ठ सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
BRO देश के दुर्गम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में रणनीतिक सड़कों और राजमार्गों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालता है। नई DPR गाइड का उद्देश्य परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन में आने वाली देरी और खर्च बढ़ने की समस्याओं को कम करना है। इसके लागू होने से सीमावर्ती इलाकों में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी, जिससे सेना और स्थानीय लोगों दोनों को लाभ मिलेगा।
इससे पहले दिसंबर की शुरुआत में रक्षा मंत्री ने BRO की 125 रणनीतिक महत्व की अवसंरचना परियोजनाओं को राष्ट्र के लिए समर्पित किया था। ये परियोजनाएं लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और मिजोरम जैसे राज्यों में फैली हैं। इनमें 28 सड़कें, 93 पुल और चार अन्य परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 5,000 करोड़ रुपये है। राजनाथ सिंह ने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा न केवल सैन्य गतिशीलता को सुनिश्चित करता है, बल्कि रोजगार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी प्रोत्साहित करता है, साथ ही सीमावर्ती इलाकों में शासन और लोकतंत्र पर विश्वास मजबूत करता है।









