बांग्लादेश में भारत विरोधी तत्वों की गतिविधियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। देश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से ये ताकतें ज्यादा मुखर हो गई हैं और आंतरिक अस्थिरता के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर भी इन संगठनों को खुली छूट देने के आरोप लग रहे हैं। इसी क्रम में इंकलाब मंच ने हाल ही में मारे गए अपने प्रवक्ता उस्मान हादी की हत्या को लेकर भारत विरोधी रुख अपनाते हुए कई मांगें रखी हैं।
बांग्लादेश के अखबार प्रोथोम अलो के अनुसार, इंकलाब मंच ने हादी की मौत और शेख हसीना के मुद्दे को लेकर चार सूत्री मांगें सामने रखी हैं। संगठन ने मांग की है कि अगर भारत शेख हसीना को बांग्लादेश को नहीं सौंपता है, तो भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में मामला दायर किया जाए। इसके साथ ही बांग्लादेश में कार्यरत सभी भारतीय नागरिकों के वर्क परमिट रद्द करने की मांग भी की गई है।
इंकलाब मंच का कहना है कि उस्मान हादी की हत्या में शामिल लोगों को 24 कार्य दिवसों के भीतर गिरफ्तार कर सजा दी जाए। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में विरोधाभासी बयान देकर जनता को गुमराह कर रही हैं। मंच ने सरकार से दोषी अधिकारियों की पहचान कर कार्रवाई करने और अवामी लीग से जुड़े लोगों को भी न्याय के कटघरे में लाने की मांग की है।









