मणिपुर में नई सरकार बनने की प्रक्रिया में तेजी आ गई है और राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर युमनाम खेमचंद सिंह का नाम फाइनल हो गया है। उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है। 62 वर्षीय खेमचंद सिंह सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और पेशे से इंजीनियर रह चुके हैं। वे मेतई समुदाय से आते हैं और बीते समय में बीरेन सिंह की सरकार में नगर प्रशासन और आवास विभाग के मंत्री रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार उनका अनुभव और संगठन में प्रभाव उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए मजबूत दावेदार बनाता है।
भाजपा ने मणिपुर विधायक दल की बैठक दिल्ली में आयोजित की थी, जिसमें राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी। संभावना जताई जा रही है कि 4 फरवरी को नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में खेमचंद सिंह ने गोविंद दास और टी विश्वजीत सिंह जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ा। गोविंद दास 7 बार के विधायक हैं और उन्हें बीरेन सिंह का समर्थन भी प्राप्त था। विधायकों की बैठक को लेकर पहले इंफाल में चर्चा होनी थी, लेकिन कुकी समुदाय के विधायक दिल्ली जाकर केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठक करना चाहते थे।
राज्य का सियासी परिदृश्य भी काफी चुनौतीपूर्ण है। 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 37 विधायक हैं। एनडीए सहयोगी दल में एनपीपी के 6 और नागा पीपुल्स फ्रंट के 5 विधायक शामिल हैं। मणिपुर में फरवरी 2025 में पहली बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जिसे अगस्त 2025 में और छह महीने के लिए बढ़ाया गया। मई 2023 में मेतई और कुकी समुदाय के बीच हिंसक संघर्ष हुआ था, जिसमें 260 से अधिक लोग मारे गए और हजारों बेघर हुए। इन घटनाओं के बीच राजनीतिक स्थिरता लाना नई सरकार की प्राथमिकता होगी। नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने के बाद मणिपुर के सभी विधायक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन जा सकते हैं।









