अमेरिका ने इजरायल, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत अपने प्रमुख पश्चिम एशियाई सहयोगियों को 8.6 अरब डॉलर से अधिक के सैन्य हथियारों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब क्षेत्र में ईरान से जुड़े तनाव अब भी बना हुआ है और हालिया संघर्ष के बाद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस सौदे के तहत अलग-अलग देशों को उन्नत सैन्य सिस्टम दिए जाएंगे। इजरायल को लगभग 992 मिलियन डॉलर के एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम (APKWS) मिलेंगे। कुवैत को 2.5 बिलियन डॉलर का इंटीग्रेटेड बैटल कमांड सिस्टम दिया जाएगा। वहीं कतर को करीब 4.01 बिलियन डॉलर की पैट्रियट एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम से जुड़ी सेवाएं और हथियार मिलेंगे। यूएई को भी लगभग 147 मिलियन डॉलर के APKWS प्रदान किए जाएंगे।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विरोधियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह दावा करना कि अमेरिका ईरान के खिलाफ संघर्ष में सफल नहीं हो रहा, देश के खिलाफ जाने जैसा है। फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए की गई सैन्य कार्रवाई जरूरी थी, क्योंकि इससे इजरायल और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को बड़े खतरे से बचाया जा सका। उन्होंने दावा किया कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाया जाता, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे। साथ ही, ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर बताते हुए कहा कि वहां की रक्षा क्षमताएं काफी घट चुकी हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।









