प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंच गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सतत विकास, वैश्विक समृद्धि और साझा चुनौतियों के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
फ्रांस की मेजबानी में 15 से 17 जून तक आयोजित हो रहे इस शिखर सम्मेलन में दुनिया की सात प्रमुख औद्योगिक अर्थव्यवस्थाएं—अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा—शामिल हैं। भारत को एक विशेष आमंत्रित देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह 13वीं बार है जब भारत G7 बैठक में हिस्सा ले रहा है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी की यह लगातार सातवीं भागीदारी है।
फ्रांस पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया की महत्वपूर्ण यात्रा पूरी की। उन्होंने इस दौरे को ऐतिहासिक और परिणामदायी बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी। यात्रा के दौरान स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया। यह किसी विदेशी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को प्रदान किया गया 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
स्लोवाकिया यात्रा के दौरान भारत और स्लोवाकिया के बीच शिक्षा, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और प्रतिभा आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने उच्च शिक्षा, सांस्कृतिक सहयोग और पेशेवर सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई। इन समझौतों को दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई वार्ता के बाद औपचारिक रूप दिया गया।









