राज्यसभा में बुधवार को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि देशभर में बहु लेन निर्बाध परिवहन (एमएलएफएफ) टोल प्रणाली और एआई-संचालित राजमार्ग प्रबंधन को 2026 के अंत तक पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इस नई तकनीक के लागू होने के बाद टोल प्लाज़ा पर वाहनों को रुकने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और ईंधन की भी बड़ी बचत होगी।
प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए गडकरी ने कहा कि यह प्रणाली एआई आधारित होगी, जिसमें उपग्रह की मदद से नंबर प्लेट की पहचान और फास्टैग तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टोल भुगतान में जहां पहले 3 से 10 मिनट लगते थे, वहीं फास्टैग से यह समय घटकर एक मिनट से भी कम हो गया है। एमएलएफएफ लागू होने के बाद वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बिना रुके टोल पार कर सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि इस प्रणाली से सालाना लगभग 1,500 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी, सरकार के राजस्व में 6,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी और टोल चोरी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों की जिम्मेदार है और यह व्यवस्था पारदर्शिता व भ्रष्टाचार मुक्त संचालन की दिशा में बड़ा कदम होगी।









