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ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद बढ़ा तनाव, ट्रंप बोले- सीज़फायर खत्म, बातचीत पर भी जताया संदेह

ईरान पर ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके अनुसार दोनों देशों के बीच लागू सीज़फायर अब प्रभावी नहीं रहा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं कि इससे कोई ठोस नतीजा निकलेगा। ट्रंप ने यह बयान तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान दिया।

अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके साथ ही वॉशिंगटन ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बेचने की अनुमति देने वाला विशेष लाइसेंस भी रद्द कर दिया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की रक्षा के लिए की गई है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की ओर से बहरीन और कुवैत को निशाना बनाने की कोशिश की गई, जिसके चलते दोनों देशों ने मिसाइल हमले की आशंका को लेकर अलर्ट जारी कर दिया। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है, जबकि कुवैत में अमेरिकी सेना की मौजूदगी है। ऐसे में क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा। इससे पहले दोनों देशों के बीच संघर्ष रोकने के लिए एक अंतरिम समझौता हुआ था, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने उसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम जारी हैं। बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया में नए संघर्ष की आशंका को और गहरा कर दिया है, जिससे वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ सकता है।