श्रीलंका की एक हाई सिक्योरिटी जेल में कैदियों के बीच हुई हिंसक झड़प ने बड़ा रूप ले लिया। रातभर चली गैंगवार में चार जेल गार्ड सहित कुल 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसे हाल के वर्षों में देश की सबसे भीषण जेल हिंसा की घटनाओं में से एक माना जा रहा है। घटना के बाद पूरे जेल परिसर में हड़कंप मच गया और हालात पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात करना पड़ा।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, राजधानी कोलंबो की मुख्य जेल में बंद ड्रग तस्करी से जुड़े दो प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के कैदियों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच धारदार हथियारों से हमला और गोलीबारी होने की भी जानकारी सामने आई है। हिंसा इतनी बढ़ गई कि जेल प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मदद लेनी पड़ी। इस संघर्ष में हिंसा रोकने की कोशिश कर रहे चार जेल गार्ड भी हमले की चपेट में आकर मारे गए। घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है और पूरे परिसर को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
सभी घायलों को नेगोम्बो के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने के कारण आपातकालीन व्यवस्था लागू करनी पड़ी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। कई लोगों को गोली लगी है, जबकि कई के शरीर पर धारदार हथियारों के गहरे घाव मिले हैं। इस घटना के बाद श्रीलंका की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कैदियों तक हथियार कैसे पहुंचे और हिंसा को समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


