सैन फ्रांसिस्को में समंदर के बीच छुट्टियां मना रहे यात्रियों के लिए एक लग्जरी क्रूज का सफर उस वक्त डरावने अनुभव में बदल गया, जब जहाज पर नोरोवायरस का प्रकोप फैल गया। इस संक्रमण की चपेट में 100 से ज्यादा यात्री और क्रू सदस्य आ गए, जिसके बाद स्वास्थ्य एजेंसियां भी अलर्ट हो गईं। प्रभावित लोगों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और मतली जैसे लक्षण देखे गए, जबकि संक्रमण को रोकने के लिए जहाज पर बीमार यात्रियों को अलग रखने के साथ-साथ व्यापक स्तर पर सैनिटाइजेशन अभियान शुरू किया गया।
नोरोवायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जो पेट और आंतों को प्रभावित करता है और दूषित भोजन, पानी, संक्रमित सतहों या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से तेजी से फैलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, क्रूज शिप जैसे बंद वातावरण में इसका खतरा कई गुना बढ़ जाता है। फिलहाल इस वायरस की कोई विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में साफ-सफाई, बार-बार हाथ धोना, सुरक्षित भोजन का सेवन और शरीर में पानी की कमी न होने देना ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज और सावधानी बरतने से अधिकांश मरीज कुछ ही दिनों में पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं।


