प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दूसरे दिन भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों ने एक नया मुकाम हासिल किया। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, खनिज, इस्पात, तकनीक और शिक्षा समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। सबसे अहम समझौता इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की आपूर्ति को लेकर हुआ, जिसे दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2018 में शुरू हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा सहयोग, आपदा प्रबंधन, औद्योगिक विकास, समुद्री सुरक्षा और तकनीकी नवाचार जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। साथ ही भारत की किफायती दवाइयों की उपलब्धता, गेहूं के उन्नत बीजों की आपूर्ति और कृषि तकनीक साझा करने पर भी सहमति बनी है, जिससे इंडोनेशिया की खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देते हुए दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेलीकॉम, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इकोसिस्टम में साझेदारी बढ़ाने का फैसला किया है। इसी कड़ी में इंडोनेशिया में आईआईएम बेंगलुरु का कैंपस स्थापित करने की भी घोषणा की गई। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, स्टील सप्लाई चेन और खनिज क्षेत्र में सहयोग के लिए भी कई अहम समझौते हुए। यह यात्रा वर्ष 2018 के बाद प्रधानमंत्री मोदी की पहली द्विपक्षीय इंडोनेशिया यात्रा है और इसे भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


