रांची में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विधानसभा मार्च का आह्वान किया, वहीं अब विपक्षी दल भी उनके समर्थन में सड़क पर उतर आए हैं।
इसी क्रम में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत पार्टी के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए जाने से पहले बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर छात्रों के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र पिछले करीब दो सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और कई छात्र स्टेडियम में भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। उनके मुताबिक, सरकार मामले को टालने के बजाय परीक्षाओं से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच कराए।
मरांडी ने JPSC, JSSC और CGL से जुड़े मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। छात्र आंदोलन और बीजेपी के प्रदर्शन के चलते रांची में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विधानसभा मार्च को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।


