झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और बापू वाटिका के आसपास बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटे हुए हैं। आंदोलनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं। ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच’ के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन की शुरुआत 25 जुलाई 2026 से हुई थी। छात्रों का आरोप है कि JPSC प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद कुछ कथित उत्तर पुस्तिकाएं सोशल मीडिया पर सामने आईं, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए। प्रदर्शनकारी 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और मामले की जांच CBI या ED से कराने की मांग कर रहे हैं।
इस मामले की जांच फिलहाल CID कर रही है और अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। जांच के दौरान पूर्व JPSC चेयरमैन एल खियांगते से भी पूछताछ की गई है। हालांकि, छात्र संगठन CID की जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग पर कायम हैं। आंदोलन के बीच सरकार ने छात्रों से बातचीत के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। वहीं, छात्रों ने वार्ता के लिए अपना 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मुख्य मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।
इस आंदोलन का एक नारा इन दिनों खासा चर्चा में है। प्रदर्शनकारी छात्र ‘No Job-No Shaadi’ लिखे पोस्टर लेकर धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं। छात्रों का कहना है कि लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के बाद भी रोजगार नहीं मिलने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। यह नारा युवाओं की नौकरी, आर्थिक स्वतंत्रता और जीवन की योजनाओं से जुड़ी चिंताओं को दर्शा रहा है। वहीं, आंदोलन को कई छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों का समर्थन भी मिल रहा है। AISA समेत कई संगठनों ने छात्रों की मांगों के समर्थन में आवाज उठाई है, जिससे यह मुद्दा अब केवल भर्ती परीक्षा तक सीमित न रहकर युवाओं के भविष्य से जुड़ी बड़ी बहस बन गया है।


