चीन ने एक बार फिर तकनीक की दुनिया में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। बीजिंग में आयोजित हाफ मैराथन में ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने हिस्सा लेकर ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस रेस में एक उन्नत रोबोट ने मात्र 50 मिनट 26 सेकंड में 21 किलोमीटर की दूरी पूरी कर ली—जो इंसानी रिकॉर्ड से भी तेज है। तुलना करें तो युगांडा के एथलीट Jacob Kiplimo का रिकॉर्ड 57 मिनट 31 सेकंड का है।
इस उपलब्धि को और खास बनाता है रोबोट्स का सेल्फ-नेविगेशन सिस्टम। जहां पहले इन्हें रिमोट कंट्रोल से संचालित किया जाता था, वहीं अब ये पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सहारे खुद रास्ता तय कर रहे हैं। इसके साथ ही लिक्विड कूलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों ने इन्हें लंबी दूरी तक लगातार दौड़ने में सक्षम बनाया है। यह साफ संकेत है कि रोबोटिक्स अब प्रयोगशालाओं से निकलकर वास्तविक परिस्थितियों में अपनी क्षमता साबित कर रही है।
रोबोटिक्स में चीन की बढ़ती पकड़ को लेकर पहले भी Elon Musk ने संकेत दिया था कि यह देश इस क्षेत्र में बड़ी चुनौती बन सकता है। हाल के आयोजनों में चीनी स्टार्टअप्स के रोबोट्स ने मार्शल आर्ट और अन्य जटिल गतिविधियां भी प्रदर्शित की हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज जो रोबोट मैराथन जैसी कठिन चुनौतियां पार कर रहे हैं, वे भविष्य में उद्योग, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह उपलब्धि सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि आने वाले तकनीकी युग की झलक है।









