दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में गूगल और गूगल इंडिया को बड़ा झटका देते हुए हिंडवेयर ट्रेडमार्क मामले में 30 लाख रुपये का हर्जाना अदा करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि पंजीकृत ट्रेडमार्क को विज्ञापन कीवर्ड के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति देना अनुचित लाभ और ट्रेडमार्क कानून का उल्लंघन है। कोर्ट ने माना कि गूगल के एडवर्ड्स विज्ञापन प्लेटफॉर्म के तहत “हिंडवेयर” और उससे जुड़े ट्रेडमार्क का इस्तेमाल कर प्रतिस्पर्धी कंपनियों के विज्ञापन दिखाए गए, जिससे मूल ब्रांड की पहचान और ऑनलाइन ट्रैफिक पर असर पड़ा। इस वजह से हिंडवेयर को नुकसान हुआ, जबकि प्रतिस्पर्धियों को फायदा मिला।
न्यायालय ने गूगल के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें उसने खुद को केवल एक मध्यस्थ बताते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 के तहत सुरक्षा की मांग की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गूगल केवल निष्क्रिय प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि वह विज्ञापन प्रणाली से प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ कमाता है। फैसले में यह भी कहा गया कि गूगल द्वारा कीवर्ड पॉलिसी में बदलाव कर ट्रेडमार्क वाले शब्दों को विज्ञापन में शामिल करना एक व्यावसायिक निर्णय था। कोर्ट ने इसे ब्रांड की प्रतिष्ठा के अनुचित उपयोग का मामला मानते हुए आठ सप्ताह के भीतर 30 लाख रुपये हर्जाना अदा करने का निर्देश दिया। यह फैसला डिजिटल विज्ञापन और ट्रेडमार्क अधिकारों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।









