हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने राज्य की विभिन्न विकास परियोजनाओं में सामने आई गुणवत्ता संबंधी कमियों और अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई की है। गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण के तकनीकी ऑडिट में खामियां पाए जाने के बाद लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) और विकास एवं पंचायत विभाग के तीन-तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कई अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन की एक परियोजना में गुणवत्ता संबंधी कमियों के चलते संबंधित ठेकेदार के खिलाफ रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
चंडीगढ़ में आयोजित गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण की बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग तकनीकी ऑडिट को गंभीरता से लें और परियोजनाओं की योजना, डिजाइन, निर्माण एवं रखरखाव के हर चरण में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। प्राधिकरण द्वारा भवन, सड़क, सिंचाई, जनस्वास्थ्य, विद्युत और शहरी विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं का ऑडिट किया गया, जिसमें विभिन्न स्तरों पर गुणवत्ता संबंधी खामियां और प्रक्रियागत कमियां सामने आईं।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ऑडिट में चिन्हित सभी कमियों को तत्काल दूर किया जाए और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जहां आवश्यक हो, वहां ठेकेदारों से वित्तीय रिकवरी सुनिश्चित की जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि निर्धारित श्रेणी की सभी परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और मॉनिटरिंग एजेंसियों की नियुक्ति अनिवार्य होगी, हालांकि परियोजनाओं की अंतिम जिम्मेदारी संबंधित विभागों की ही रहेगी। मानसून को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सड़कों के किनारे जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में नालों के निर्माण की जिम्मेदारियां शीघ्र तय करने के निर्देश भी दिए। सरकार की इस कार्रवाई को परियोजनाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।









