समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब तक नई जनगणना पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस मुद्दे पर कोई सार्थक चर्चा संभव नहीं है। उनके अनुसार पुराने आंकड़ों के आधार पर बनाई गई कोई भी नीति वास्तविक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं कर सकती।
रविवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नीतियां जनता की इच्छाओं को प्रतिबिंबित नहीं करतीं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की विफलताएं इस बात का संकेत हैं कि वह जनभावनाओं से दूर हो चुकी है।
यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति समाज में विभाजन पैदा करने पर आधारित है। उनके अनुसार, पहले लोगों के बीच अविश्वास पैदा किया जाता है, फिर उन्हें अलग-अलग वर्गों में बांटकर एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जाता है और अंत में डर का माहौल बनाकर समर्थन हासिल किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह रणनीति अब धीरे-धीरे प्रभावहीन हो रही है।
महिला आरक्षण के संदर्भ में उन्होंने विशेष रूप से चिंता जताई कि दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनका कहना था कि बिना अद्यतन जनगणना आंकड़ों के यह सुनिश्चित करना संभव नहीं है। यादव ने यह भी कहा कि केवल आरक्षण देना पर्याप्त नहीं है। महिलाओं के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा, प्रशिक्षण और सहायक सुविधाएं विकसित करना भी जरूरी है, ताकि वे प्रभावी रूप से अपनी भूमिका निभा सकें।









