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57वीं GST काउंसिल के बड़े फैसले, कारोबारियों और टैक्सपेयर्स को मिलेगी राहत

57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों और टैक्सपेयर्स से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, काउंसिल ने जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति सीमित करने, विभिन्न कारोबारी खर्चों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की सुविधा देने और छोटे टैक्स विवादों को कम करने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। सबसे अहम बदलाव जीएसटी मामलों में गिरफ्तारी की कार्रवाई से जुड़ा है। प्रस्ताव के तहत सामान्य टैक्स विवादों में अधिकारी सीधे गिरफ्तारी नहीं कर सकेंगे। गंभीर आपराधिक मामलों और जानबूझकर टैक्स चोरी के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के जरिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कंपनियों को कर्मचारियों के लिए लिए गए ग्रुप हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर चुकाए गए जीएसटी का ITC लेने की अनुमति देने का फैसला भी किया गया है। इसके अलावा टेलीकॉम टावर और फैक्ट्री परिसर के बाहर लगी पाइपलाइन पर भी ITC का रास्ता साफ किया गया है। इससे टेलीकॉम, पेट्रोकेमिकल, गैस डिस्ट्रीब्यूशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को फायदा मिल सकता है। डिलीवरी सेवाओं के मामले में भी राहत दी गई है। अनरजिस्टर्ड डिलीवरी सर्विस देने वाले राइडर्स की सेवाओं पर GST दर 18% से घटाकर 5% करने को मंजूरी मिली है। वहीं, पात्र आउटडोर कैटरिंग सेवाओं पर ITC का लाभ देने का फैसला किया गया है।

कृषि क्षेत्र के लिए रिट्रेडेड ट्रैक्टर टायर पर GST 18% से घटाकर 5% करने का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। FMCG और फार्मा कंपनियों के लिए फ्री सैंपल तथा कानूनन नष्ट किए जाने वाले एक्सपायर्ड सामान पर ITC से जुड़े नियमों में राहत दी गई है। छोटे टैक्स विवादों को कम करने के लिए 10,000 रुपये से कम की टैक्स डिमांड पर शो-कॉज नोटिस जारी नहीं करने का फैसला भी किया गया है। इससे विभाग और कारोबारियों, दोनों के समय और संसाधनों की बचत होगी।