कनाडाई लेखिका ऐनी कार्सन को वर्ष 2026 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। स्वीडिश अकादमी ने गुरुवार को इस प्रतिष्ठित सम्मान की घोषणा की। अकादमी ने कहा कि कार्सन को उनके साहसिक, कल्पनाशील और प्रयोगधर्मी लेखन के लिए यह पुरस्कार दिया गया है। उनके साहित्य में शास्त्रीय परंपराओं और आधुनिक विचारों के बीच एक अनूठा संवाद देखने को मिलता है, जिसने समकालीन साहित्य को नए रूप और दृष्टिकोण प्रदान किए हैं।
इससे पहले वर्ष 2025 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार हंगरी के प्रसिद्ध उपन्यासकार लास्जलो क्रास्जनाहोरकाई को दिया गया था। उन्हें यह सम्मान उनके दूरदर्शी और प्रभावशाली लेखन के लिए मिला। स्वीडिश अकादमी ने उनके साहित्य में अंधकार, अव्यवस्था और संकट के बीच कला की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उनके उपन्यास सामाजिक पतन, अस्थिरता और मानवीय संघर्ष जैसे विषयों को गहराई से सामने लाते हैं। ‘वॉर एंड वॉर’ और ‘सेइओबो देयर बिलो’ उनकी चर्चित रचनाओं में शामिल हैं।
वर्ष 2024 में दक्षिण कोरियाई लेखिका हान कांग को साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था। उन्हें ऐतिहासिक त्रासदियों, मानवीय पीड़ा और जीवन की नाजुकता को प्रभावशाली काव्यात्मक गद्य के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए सम्मानित किया गया। उनका उपन्यास ‘द वेजिटेरियन’ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद चर्चित रहा। वहीं, 2023 का साहित्य नोबेल पुरस्कार नॉर्वे के लेखक जॉन फोसे को मिला था। उनके नवोन्मेषी नाटकों और गद्य में मौन, विराम और पुनरावृत्ति के जरिए अकेलेपन, चिंता, मृत्यु और आध्यात्मिकता जैसे गहरे मानवीय अनुभवों को अभिव्यक्ति दी गई है।


