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भारत को मिलने वाले 97 और तेजस फाइटर जेट, HAL से होगा 66 हजार करोड़ का करार

भारत जल्द ही स्वदेशी तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों की ताकत को और बढ़ाने जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने अगस्त में 97 नए तेजस Mk-1A की खरीद को मंजूरी दी थी. अब रक्षा मंत्रालय करीब 66 हजार करोड़ रुपये का बड़ा करार हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ करने जा रहा है. यह अनुबंध अक्टूबर 2025 में तब साइन किया जाएगा जब HAL पहले से ऑर्डर किए गए 83 तेजस में से शुरुआती दो विमान वायुसेना को सौंप देगा.

तेजस Mk-1A में अब तक की सबसे बड़ी चुनौती इंजन की थी, जिसे अमेरिका की GE Aerospace सप्लाई कर रही है. अब तक भारत को तीन इंजन मिल चुके हैं, जबकि सात और दिसंबर तक मिल जाएंगे. अगले साल 20 और इंजन आने वाले हैं, जिससे निर्माण में अब तेजी आएगी. तेजस Mk-1A का पूर्वी सेक्टर में ASRAAM मिसाइल के साथ परीक्षण शुरू हो चुका है. इसके बाद अस्त्र मिसाइल का ट्रायल होगा. ये परीक्षण यह साबित करेंगे कि विमान पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार है.

नए सौदे में 29 ट्रेनर जेट भी शामिल होंगे, जो पहले से ज्यादा आधुनिक होंगे. इनमें उन्नत AESA रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम लगे होंगे. यह कदम भारतीय वायुसेना को न केवल संख्या में मजबूती देगा, बल्कि मिग-21 जैसे पुराने विमानों की जगह आधुनिक स्वदेशी जेट्स तैनात करने में भी मदद करेगा.