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जर्मनी ने भारतीय यात्रियों के लिए शुरू की ट्रांजिट वीजा-मुक्त सुविधा

जर्मनी ने भारतीय यात्रियों के लिए ट्रांजिट वीजा-मुक्त प्रवेश की नई सुविधा की घोषणा की है। इसके तहत भारतीय पासपोर्ट धारक अब जर्मनी के हवाई अड्डों पर इंटरनेशनल ट्रांजिट क्षेत्र में बिना वीजा के कनेक्ट फ्लाइट्स ले सकेंगे। हालांकि, इस सुविधा के तहत हवाई अड्डे की सीमा के बाहर जर्मनी में किसी भी शहर में प्रवेश करना संभव नहीं होगा। यह बदलाव उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा जो फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख या बर्लिन जैसे हवाई अड्डों से आगे की यात्रा के लिए ट्रांजिट करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह समझौता भारत और जर्मनी के बीच मजबूत रिश्तों का प्रतीक है। दोनों देशों ने प्रवासन, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इसी के तहत जर्मनी को भारत में विश्वविद्यालय खोलने की अनुमति भी दी जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी मजबूत होगी।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि नई ट्रांजिट वीजा नीति भारतीय यात्रियों के लिए यात्रा को आसान बनाएगी। वर्तमान में शेंगेन नियमों के अनुसार भारतीय यात्रियों को ट्रांजिट के लिए अलग से वीजा लेना पड़ता था, लेकिन अब केवल हवाई अड्डे के ट्रांजिट क्षेत्र में रहने वाले यात्री इस आवश्यकता से मुक्त होंगे।

जर्मनी में भारतीय यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2025 में जनवरी से अक्टूबर के बीच 7.75 लाख से अधिक भारतीयों ने जर्मनी में ओवरनाइट स्टे किया। जर्मन टूरिस्ट ऑफिस इंडिया के अनुसार, यह संख्या 2026 में 10 लाख तक पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा, करीब 60,000 भारतीय छात्र पहले ही जर्मनी में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, और फैमिली वीजिट और बिजनेस ट्रैवल में भी वृद्धि हो रही है। चांसलर मर्ज की यह भारत यात्रा दोनों देशों के बीच 75 साल पुराने राजनयिक संबंध और 25 साल की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।