मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘शुक्राना यात्रा’ गुरुवार को बठिंडा पहुंचकर संपन्न हुई। यह यात्रा उस कानून के लागू होने के बाद निकाली जा रही है, जिसे सरकार ने ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून’ बताया है। बठिंडा में पहुंचने पर सिख संगतों और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। जगह-जगह फूल बरसाए गए और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मान ने लोगों को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें देश में सांप्रदायिक माहौल को बढ़ावा देकर समाज को बांटने का काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब हमेशा से भाईचारे, शांति और आपसी सद्भाव की भूमि रहा है और इसे कमजोर करने की कोशिशों से सतर्क रहने की जरूरत है।
मान ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा के सत्ता में आने के बाद हालात खराब हुए हैं। हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि नए सत्कार कानून का मकसद धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा और बेअदबी जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसे उन्होंने सरकार की एक बड़ी उपलब्धि बताया।
यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे मार्ग पर तैनात रहे। वहीं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी भारी उत्साह देखा गया, जिन्होंने सरकार के समर्थन में नारे लगाए। राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री के बयानों को लेकर चर्चा तेज है, जहां सत्ता पक्ष इसे सामाजिक एकता की पहल बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहा है।









