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I-PAC केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त: ED जांच में दखल पर CM की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

I-PAC पर ईडी की छापेमारी से जुड़े मामले में Supreme Court of India ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की भूमिका पर कड़ी टिप्पणी की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जांच के बीच किसी मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है और इससे पूरे सिस्टम पर असर पड़ता है। कोर्ट ने साफ किया कि यह मामला केंद्र और राज्य के बीच टकराव का नहीं, बल्कि कानून के पालन से जुड़ा मुद्दा है।

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने दलील दी कि ईडी को सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने का अधिकार नहीं है, लेकिन अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि जांच में बाधा डालना गंभीर मामला है। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि इस तरह की स्थिति की पहले कल्पना भी नहीं की गई थी।

इस बीच, Indian Political Action Committee ने पश्चिम बंगाल में अपने सभी चुनावी संचालन अस्थायी रूप से रोक दिए हैं। एक आंतरिक ईमेल के अनुसार, “कुछ कानूनी कारणों” के चलते यह फैसला लिया गया है और करीब 20 दिनों तक गतिविधियां स्थगित रहेंगी। गौरतलब है कि I-PAC, तृणमूल कांग्रेस के चुनाव प्रचार का प्रबंधन कर रहा था। चुनाव से ठीक पहले अभियान का रुकना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी ने अपने ईमेल में कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया में सहयोग कर रही है और उसे भरोसा है कि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।