भारतीय सेना अपनी फायरपावर और युद्धक्षेत्र की गति को बढ़ाने के लिए नई मोर्टार स्पेशलिस्ट व्हीकल (MSV) खरीदने की तैयारी कर रही है, जो आधुनिक बैलिस्टिक कंप्यूटर और “शूट एंड स्कूट” क्षमता से लैस होगी। यह अत्याधुनिक वाहन 81 मिमी और 120 मिमी मोर्टार सिस्टम के लिए डिजाइन किया गया है और केवल दो सैनिकों द्वारा संचालित किया जाएगा। इस वाहन में लगभग 54 मोर्टार बम ले जाने की क्षमता होगी और यह ऑब्जर्वर से प्राप्त जानकारी के आधार पर कुछ ही सेकंड में फायरिंग डेटा तैयार कर सटीक निशाना साधने में सक्षम होगा।
सेना की योजना है कि यह सिस्टम 20 सेकंड के भीतर फायरिंग के लिए तैयार हो जाए और 5 सेकंड में दोबारा लक्ष्य साध सके, जिससे युद्ध के दौरान तेजी और प्रभावशीलता बढ़ेगी। MSV की खासियत इसकी उच्च गतिशीलता और कठिन परिस्थितियों में संचालन क्षमता है। यह वाहन हाईवे पर 80 किमी/घंटा और ऑफ-रोड पर 40 किमी/घंटा की गति से चल सकेगा तथा एक बार में 400 किमी सड़क और 250 किमी दुर्गम इलाकों में संचालन कर सकेगा। यह सिस्टम लद्दाख जैसे उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में 17,000 फीट की ऊंचाई तक और -25°C से 50°C तक के तापमान में काम करने में सक्षम होगा।
इसमें STANAG लेवल-1 बैलिस्टिक सुरक्षा, एंटी-ड्रोन केज, रन-फ्लैट टायर और आधुनिक सैन्य संचार प्रणाली जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। यह परियोजना भारतीय सेना के आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पहले ही M777 हॉवित्जर, ATAGS तोप और पिनाका रॉकेट सिस्टम शामिल किए जा चुके हैं। नया MSV बटालियन स्तर पर सटीक और नेटवर्क आधारित फायर सपोर्ट को और अधिक मजबूत करेगा।









