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इजरायल-ईरान तनाव से उछले कच्चे तेल के दाम, पेट्रोल-डीजल महंगा होने की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई देने लगा है। इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके चलते आने वाले दिनों में भारत समेत कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

जानकारी के अनुसार, इजरायल द्वारा ईरान से जुड़े ठिकानों पर जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद निवेशकों और तेल कारोबारियों के बीच चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में दो डॉलर प्रति बैरल से अधिक की तेजी देखी गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी क्रूड ऑयल (WTI) की कीमत बढ़कर लगभग 92.64 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि ब्रेंट क्रूड 95.42 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में संघर्ष और गहराता है तो तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

तेल बाजार पर सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी अनिश्चितता का पड़ रहा है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने से इस मार्ग के संचालन और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो इसका सीधा असर ईंधन की खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है। भारत जैसे तेल आयातक देशों में इससे पेट्रोल और डीजल महंगे होने की संभावना बढ़ जाएगी। साथ ही परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल वैश्विक बाजार की नजर मध्य पूर्व की स्थिति और संभावित कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हुई है।