हरियाणा सरकार ने औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने फरीदाबाद में तीन आधुनिक साझा अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र (CETP) स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक तरीके से शोधन करना और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है।
इन परियोजनाओं के तहत फरीदाबाद के बादशाहपुर गांव में 15 एमएलडी क्षमता, प्रतापगढ़ गांव में 50 एमएलडी क्षमता और मिर्जापुर गांव में 25 एमएलडी क्षमता का संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह पहल औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 926.96 करोड़ रुपये बताई गई है। इन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) द्वारा तैयार कर प्रस्तुत कर दी गई है। वित्तीय प्रावधानों की समीक्षा हाल ही में मुख्य सचिव Anurag Rastogi की अध्यक्षता में हुई बैठक में की गई।
वित्तीय व्यवस्था के अनुसार परियोजना की कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा Town and Country Planning Department Haryana द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि में से 25-25 प्रतिशत हिस्सा क्रमशः Haryana State Industrial and Infrastructure Development Corporation और Haryana Shahari Vikas Pradhikaran द्वारा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल औद्योगिक विकास को गति देगी बल्कि बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मददगार साबित होगी। आने वाले समय में इन परियोजनाओं से फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।









