लोकसभा में मंगलवार को उस समय तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण के दौरान सदन में जोरदार हंगामा खड़ा हो गया। राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान चीन और अमेरिका से जुड़े मुद्दों को उठाने लगे। पीठासीन अध्यक्ष ने उन्हें निर्धारित विषय पर बोलने की सलाह दी, लेकिन उनके लगातार उसी मुद्दे पर बोलते रहने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति तब और बिगड़ गई जब कुछ विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर टेबल पर चढ़ गए और आसन की ओर कागज उछालने लगे। इस अव्यवस्था को देखते हुए स्पीकर ओम बिरला ने कड़ी नाराजगी जताई और अनुशासनहीनता के आरोप में आठ सांसदों को पूरे बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस और सहयोगी दलों के कई प्रमुख चेहरे शामिल हैं। इन पर सदन की गरिमा भंग करने और नियमों की अवहेलना करने का आरोप लगाया गया है। निलंबन के बाद विपक्षी दलों ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी केवल राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े गंभीर सवाल उठा रहे थे, जिन्हें दबाने की कोशिश की गई। वहीं सरकार का पक्ष है कि सदन की कार्यवाही बाधित करना और आसन का अनादर करना स्वीकार्य नहीं है। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। संसद के बाहर राहुल गांधी ने सरकार पर तीखे आरोप लगाए और कहा कि देशहित के मुद्दों पर चर्चा से बचा जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने बजट सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।









