भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पश्चिम रेलवे में स्वदेशी ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम KAVACH 4.0 का सफल कमीशनिंग कर दिया है। इस अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली के लागू होने से लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो जाएगा।
करीब 397 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत नागदा–वडोदरा–सूरत–विरार–मुंबई सेंट्रल सेक्शन पर चरणबद्ध तरीके से कावच सिस्टम लगाया जा रहा है। फिलहाल वडोदरा–सूरत–विरार के बीच 344 किलोमीटर लंबे सेक्शन में 30 जनवरी 2026 से यह प्रणाली औपचारिक रूप से चालू कर दी गई है।
क्या है KAVACH 4.0?
KAVACH एक स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जो सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीडिंग, हेड-ऑन और रियर-एंड टक्कर जैसी दुर्घटनाओं को रोकने में सक्षम है। साथ ही खराब मौसम और कोहरे में सिग्नल रिपीटिंग तथा लेवल क्रॉसिंग पर ऑटो व्हिसलिंग जैसी सुविधाएं भी देता है। कम लागत में अधिक सुरक्षा देने के कारण इसे यूरोपीय सिस्टम ETCS का किफायती विकल्प माना जा रहा है।
तकनीकी तैयारियां:
परियोजना के तहत ट्रैक पर 8,000 से अधिक RFID टैग लगाए गए, 57 रेडियो टावर स्थापित किए गए और पूरे रूट पर OFC केबल बिछाई गई। अभी तक पश्चिम रेलवे के 364 लोकोमोटिव्स कावच से लैस हो चुके हैं और कुल 435 रूट किलोमीटर पर यह सिस्टम सक्रिय है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में पूरे ब्रॉडगेज नेटवर्क पर कावच लागू करने की दिशा में तेजी से काम जारी है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा दोनों मजबूत होंगे।









