भारतीय सेना ने तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए फायर फाइटिंग रोबोट को अपने बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सेना ने iDEX (Innovation for Defence Excellence) परियोजना के तहत फायर फाइटिंग रोबोट की खरीद के लिए एक करार किया है, जिसे आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यह अनुबंध 13 जनवरी 2026 को भारतीय सेना के Capability Development Directorate में M/s Swadeshi Empresa Pvt Ltd के साथ साइन किया गया। यह फायर फाइटिंग रोबोट मूल रूप से भारतीय नौसेना के लिए iDEX फ्रेमवर्क के तहत विकसित किया गया था, जिसे अब पहली बार भारतीय सेना भी अपने उपयोग में लाने जा रही है। खास बात यह है कि सेना ने ‘सिस्टर सर्विस’ के लिए विकसित iDEX उत्पाद को Single Stage Composite Trial (SSCT) के आधार पर खरीदने के प्रावधान का इस्तेमाल किया है, जिससे तीनों सेनाओं के बीच जॉइंटनेस और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन को मजबूती मिली है।
यह रोबोट एक कॉम्पैक्ट और मल्टी-यूटिलिटी अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल है, जिसे खतरनाक आग लगने की परिस्थितियों में इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। जहां इंसानों का पहुंचना जोखिम भरा होता है, वहां यह रोबोट सुरक्षित दूरी से आग बुझाने में सक्षम है। इससे आपातकालीन हालात में सेना के फायर फाइटर्स की सुरक्षा काफी बढ़ेगी।
डिफेंस इनोवेशन ऑर्गनाइजेशन के तहत iDEX आज सशस्त्र बलों और देश के स्टार्ट-अप्स व इनोवेटर्स के बीच एक मजबूत सेतु बन चुका है। भारतीय सेना अपने कई iDEX प्रोजेक्ट्स पर स्पाइरल डेवलपमेंट कर रही है और लगभग 22 प्रोजेक्ट्स प्रोटोटाइप पूरा कर ट्रायल के चरण में पहुंच चुके हैं। यह पहल न केवल रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत के डिफेंस स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।









