Delhi

दिल्ली में 137 मोहल्ला क्लीनिक होंगे बंद,सरकार आयुष्मान आरोग्य मंदिर नेटवर्क पर करेगी फोकस

दिल्ली सरकार ने राजधानी में चल रहे 137 मोहल्ला क्लीनिक बंद करने का निर्णय लिया है। यह कदम प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को नए ढांचे में ढालने की योजना के तहत उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इन क्लीनिकों की जगह अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर विकसित किए जा रहे हैं, ताकि एकीकृत और व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने सभी जिलों के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जिन 137 क्लीनिकों को बंद किया जा रहा है, उनमें से 101 पोर्टा केबिन में संचालित हो रहे थे। इनमें कई किराए की जगहों पर चल रहे थे, कुछ सरकारी इमारतों में और एक निजी भवन में बिना किराए के संचालित था।

बताया गया है कि 41 क्लीनिक पहले से ही निष्क्रिय थे क्योंकि वहां डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। शेष 96 क्लीनिक ऐसे क्षेत्रों में थे, जहां पास ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू हो चुके हैं, जिससे उनकी उपयोगिता कम हो गई थी। आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान दिल्ली में 540 से अधिक मोहल्ला क्लीनिक खोले गए थे, जिनका उद्देश्य आम लोगों को नजदीकी और मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना था।

वर्तमान सरकार ने पूरे शहर में लगभग 1100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। अब तक 319 केंद्र शुरू किए जा चुके हैं, जिनमें हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा उद्घाटित 81 नए केंद्र भी शामिल हैं। अधिकारियों का संकेत है कि भविष्य में नेटवर्क के विस्तार के साथ और भी मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जा सकते हैं। इस फैसले पर कर्मचारियों के संगठन ने नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि स्टाफ के समायोजन को लेकर दिए गए आश्वासन पूरे नहीं किए गए, जिसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया है।