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ED ने ममता बनर्जी पर लगाया आरोप, तलाशी के दौरान महत्वपूर्ण सबूत हटाने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी का कहना है कि तलाशी अभियान के दौरान बनर्जी और उनके समर्थकों ने आई-पीएसी के निदेशक प्रतीक जैन के आवास से महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हटाए, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत जारी जांच में बाधा उत्पन्न हुई।

ईडी ने बयान में कहा कि तलाशी अभियान शांतिपूर्ण और पेशेवर तरीके से चल रहा था, लेकिन मुख्यमंत्री और कई पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और आई-पीएसी कार्यालय परिसर से भौतिक और डिजिटल सबूत जबरन हटा लिए। एजेंसी ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दल या चुनाव से संबंधित नहीं थी, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ नियमित जांच का हिस्सा थी।

ईडी ने यह तलाशी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कोलकाता इकाई द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित बताई, जो 27 नवंबर 2020 को अनुप मजी और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थी। ईडी ने बताया कि जांच में यह पता चला कि अनुप मजी के नेतृत्व वाला गिरोह पश्चिम बंगाल के ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के लीजहोल्ड क्षेत्रों से कोयला चोरी करता था और इसे विभिन्न जिलों में स्थित उद्योगों और संयंत्रों को बेचता था। इस मामले में शाकंभरी समूह की कंपनियों को भी कोयले की बिक्री से जोड़ा गया। इस घटना के बाद ईडी ने मामले को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया है। अदालत इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को कर सकती है।