रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि किसी भी देश से भारत की हमेशा की दोस्ती या दुश्मनी नहीं होती, सिर्फ अपने हित सबसे ज़रूरी होते हैं. यह बात उन्होंने शनिवार को NDTV डिफेंस समिट में कही. उन्होंने कहा कि दुनिया में इस समय ट्रेड वॉर यानी व्यापार को लेकर तनातनी चल रही है. अमेरिका ने भारत से आने वाले सामानों पर 50% टैक्स लगा दिया है. ऐसे में कई विकसित देश अपने उद्योगों को बचाने के लिए संरक्षणवादी नीतियाँ अपना रहे हैं. लेकिन भारत किसी भी दबाव में आकर अपने लोगों के हितों से समझौता नहीं करेगा.
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है. अब से नौसेना किसी और देश से युद्धपोत नहीं खरीदेगी. सभी युद्धपोत भारत में ही बनाए जाएंगे. उन्होंने बताया कि ‘INS हिमगिरी’ और ‘INS उदयगिरी’ जैसे स्वदेशी युद्धपोत नौसेना में शामिल हो चुके हैं. इसके अलावा, उन्होंने भारत की अपनी डिफेंस प्रणाली ‘सुदर्शन चक्र’ की भी घोषणा की, जो आने वाले समय में देश की सुरक्षा में बड़ा रोल निभाएगी.
उन्होंने कहा कि 2014 में भारत का रक्षा निर्यात 700 करोड़ रुपये से भी कम था, लेकिन अब यह करीब 24,000 करोड़ रुपये हो गया है. यानी भारत अब सिर्फ हथियार खरीदने वाला नहीं, बल्कि बेचने वाला भी बन चुका है. सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी ज़िक्र किया और कहा कि यह भारत के स्वदेशी हथियारों की ताकत का प्रमाण है. उन्होंने कहा, “हम किसी को दुश्मन नहीं मानते, लेकिन अपने किसानों, व्यापारियों और देशवासियों के हितों से कभी पीछे नहीं हटेंगे.”









