हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. प्रदेश के कई जिलों में सड़कों, बिजली, पानी और संचार सेवाओं पर व्यापक असर पड़ा है. शुक्रवार शाम तक दो नेशनल हाईवे समेत 900 से अधिक सड़कें बंद रहीं. चंबा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
मौसम विभाग ने 30 और 31 अगस्त को भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 1-2 सितंबर के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है. चंबा और कुल्लू में हालात अब भी सामान्य नहीं हैं. चंबा के भरमौर में टूटी सड़कों के कारण मणिमहेश यात्रा में हजारों श्रद्धालु फंसे हुए हैं. राहत और बचाव कार्य जारी है.
इस मानसून में अब तक राज्य में 317 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 40 लोग लापता हैं. 3,800 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और आर्थिक नुकसान 2,700 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है. कई जगहों पर भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं हुई हैं. किन्नौर, कुल्लू और मंडी में नुकसान ज्यादा हुआ है. कुल्लू में एक गांव में भूस्खलन से दो महिलाएं लापता हैं, जबकि आनी में एक कार बाढ़ में बह गई. प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है.









